गृह योग अभ्यास

वसिष्ठासन के 11 प्रभाव आपके शरीर और दिमाग पर

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स्वास्थ्य लाभ के साथ, सहनशक्ति बढ़ाएं और संतुलन बनाए रखें।

मानसिक संतुलन, धीरज, शक्ति - गुण जो आपको वशिष्ठासन के दैनिक अभ्यास से प्राप्त होंगे। यदि यह कमी है, तो अपने जीवन में आसन का अभ्यास जोड़ें।

ऊर्जा प्रभाव

  • दाएं और बाएं ऊर्जा निकायों को साफ करता है।
  • मणिपुर चक्र को सक्रिय करता है, एक व्यक्ति के "आंतरिक कोर" को मजबूत करता है।
  • अनाहत चक्र को खोलता है, जिससे सुख की सच्ची समझ पैदा होती है।
  • विशुद्धि चक्र को उत्तेजित करता है, जो मनुष्य के सार की अभिव्यक्ति और उसकी धार्मिक क्षमता में योगदान देता है।

मानसिक प्रभाव

  • तंत्रिका तंत्र को संतुलित करता है।
  • मस्तिष्क के गोलार्द्धों को संतुलित करता है, सभी भागों को एक के रूप में काम करने में मदद करता है।
  • आत्मविश्वास विकसित करता है।
  • आत्म-नियंत्रण विकसित करता है और एकाग्रता बनाए रखने में मदद करता है।
  • अपने विचारों को व्यक्त करने से डरना नहीं सिखाता है।

शारीरिक प्रभाव

  • शरीर की मुख्य मांसपेशियों को मजबूत करता है: कंधे की कमर, हाथ, कलाई, एब्डोमिनल, नितंब, पैर।
  • समन्वय, संतुलन और धीरज में सुधार करता है।
नीना मेल द्वारा "एनर्जी योगा। ए प्रैक्टिकल कोर्स" पुस्तक से ली गई जानकारी। फोटो: teganphillipa / instagram.com bohemian_heart / instagram.com deepikamehtayoga / instagram.com karlatafay / instagram.com

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